आइए, जानते हैं क्या है इस इमरजेंसी अलर्ट की पूरी सच्चाई और कैसे रहें सुरक्षित।
अगले 15 घंटे में क्या होगा? 24 राज्यों में तबाही के आसार
IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, कल यानी 6 सितंबर को देश के करीब 24 राज्यों में मूसलाधार बारिश की कड़ी चेतावनी जारी की गई है । ये सिर्फ सामान्य बारिश नहीं है, बल्कि इस दौरान 80 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से आंधी चलने की आशंका है, जो किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है और पेड़-पौधों को उखाड़ सकती है ।
मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कई राज्यों में बिजली गिरने (वज्रपात) और कुछ मैदानी इलाकों में ओलावृष्टि का भी खतरा है । इसके अलावा, सघन जंगल वाले इलाकों में यात्रा करने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है, क्योंकि पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड (भूस्खलन) की चेतावनी दी गई है ।
IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, कल यानी 6 सितंबर को देश के करीब 24 राज्यों में मूसलाधार बारिश की कड़ी चेतावनी जारी की गई है । ये सिर्फ सामान्य बारिश नहीं है, बल्कि इस दौरान 80 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से आंधी चलने की आशंका है, जो किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है और पेड़-पौधों को उखाड़ सकती है ।
मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कई राज्यों में बिजली गिरने (वज्रपात) और कुछ मैदानी इलाकों में ओलावृष्टि का भी खतरा है । इसके अलावा, सघन जंगल वाले इलाकों में यात्रा करने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है, क्योंकि पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड (भूस्खलन) की चेतावनी दी गई है ।
क्यों बिगड़ रहा है मौसम? मौसम वैज्ञानिकों ने बताई ये वजह
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस भारी बारिश और आंधी के पीछे कई सक्रिय मौसम प्रणालियां जिम्मेदार हैं ।
💥बंगाल की खाड़ी और राजस्थान में सिस्टम: बंगाल की खाड़ी से उठने वाली तूफानी हवाएं पूर्वी भारत के राज्यों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। वहीं, राजस्थान के आसपास के क्षेत्र में एक मजबूत निम्न दबाव (Low Pressure Area) का क्षेत्र बना हुआ है ।
💥चक्रवातीय परिसंचरण: इसके अलावा, उत्तरी मध्य प्रदेश के मध्य भागों और उससे सटे दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक तीव्र चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय है, जो पूरे क्षेत्र में भारी बारिश करा रहा है ।
💥बंगाल की खाड़ी और राजस्थान में सिस्टम: बंगाल की खाड़ी से उठने वाली तूफानी हवाएं पूर्वी भारत के राज्यों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। वहीं, राजस्थान के आसपास के क्षेत्र में एक मजबूत निम्न दबाव (Low Pressure Area) का क्षेत्र बना हुआ है ।
💥चक्रवातीय परिसंचरण: इसके अलावा, उत्तरी मध्य प्रदेश के मध्य भागों और उससे सटे दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक तीव्र चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय है, जो पूरे क्षेत्र में भारी बारिश करा रहा है ।
क्या आपका शहर है रेड जोन में? यहाँ देखें पूरी लिस्ट
IMD ने जिन 24 राज्यों में अलर्ट जारी किया है, उनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, गुजरात, महाराष्ट्र, त्रिपुरा, असम, नागालैंड, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना शामिल हैं । इन राज्यों में विशेष रूप से भारी से अत्यधिक भारी बारिश और आंधी का अलर्ट है।
आइए, जानते हैं कुछ प्रमुख शहरों का हाल:
💥दिल्ली-NCR: दिल्ली में 5 सितंबर को हुई भारी बारिश के बाद, 6 सितंबर को भी भारी बारिश और 40-50 KM की रफ्तार से आंधी का अलर्ट है । दिल्ली में कल अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है ।
💥उत्तर प्रदेश: यूपी के मेरठ, मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, आगरा, मथुरा, कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर और बनारस समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है ।
💥बिहार: पटना, गया, भागलपुर, दरभंगा, पूर्णिया और किशनगंज समेत कई जिलों में 6 से 8 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है
💥पहाड़ी राज्य: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लैंडस्लाइड और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का जोखिम बढ़ गया है । इन राज्यों में यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
💥दिल्ली-NCR: दिल्ली में 5 सितंबर को हुई भारी बारिश के बाद, 6 सितंबर को भी भारी बारिश और 40-50 KM की रफ्तार से आंधी का अलर्ट है । दिल्ली में कल अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है ।
💥उत्तर प्रदेश: यूपी के मेरठ, मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, आगरा, मथुरा, कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर और बनारस समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है ।
💥बिहार: पटना, गया, भागलपुर, दरभंगा, पूर्णिया और किशनगंज समेत कई जिलों में 6 से 8 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है
💥पहाड़ी राज्य: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लैंडस्लाइड और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का जोखिम बढ़ गया है । इन राज्यों में यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
कैसे रहें सुरक्षित? जरूरी सावधानियाँ
इस भयानक मौसम से निपटने के लिए कुछ जरूरी सावधानियाँ बरतना बेहद जरूरी है:
💥अनावश्यक यात्रा से बचें: अगर आपका कोई बहुत जरूरी काम नहीं है, तो कल घर पर ही रहें। खासकर पहाड़ी इलाकों और नदियों के किनारे वाले क्षेत्रों में जाने से बचें ।
💥सुरक्षित स्थान पर रहें: तेज आंधी और बिजली गिरने के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और पुरानी इमारतों से दूर रहें ।
💥नदियों के जलस्तर पर नज़र रखें: नदी किनारे रहने वाले लोगों को खासतौर पर सतर्क रहने की जरूरत है। अगर पानी का स्तर बढ़ता है, तो तुरंत सुरक्षित जगह पर शिफ्ट हो जाएं ।
💥जानवरों और फसलों का ध्यान रखें: किसान अपनी फसलों को तेज हवा और ओलावृष्टि से बचाने की कोशिश करें और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर बांधें ।
💥अनावश्यक यात्रा से बचें: अगर आपका कोई बहुत जरूरी काम नहीं है, तो कल घर पर ही रहें। खासकर पहाड़ी इलाकों और नदियों के किनारे वाले क्षेत्रों में जाने से बचें ।
💥सुरक्षित स्थान पर रहें: तेज आंधी और बिजली गिरने के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और पुरानी इमारतों से दूर रहें ।
💥नदियों के जलस्तर पर नज़र रखें: नदी किनारे रहने वाले लोगों को खासतौर पर सतर्क रहने की जरूरत है। अगर पानी का स्तर बढ़ता है, तो तुरंत सुरक्षित जगह पर शिफ्ट हो जाएं ।
💥जानवरों और फसलों का ध्यान रखें: किसान अपनी फसलों को तेज हवा और ओलावृष्टि से बचाने की कोशिश करें और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर बांधें ।
निष्कर्ष
IMD का यह अलर्ट बेहद गंभीर है और इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। 6 सितंबर को मौसम की मार किसी को भी आश्चर्यचकित कर सकती है। इसलिए, सतर्क रहें, अपने परिवार और दोस्तों को इस आपातकालीन स्थिति की जानकारी दें और जरूरत पड़ने पर स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करें। बारिश का ये कहर कब थमेगा, यह तो मौसम विभाग ही बता सकता है, लेकिन हम अपनी सावधानी से इस मुश्किल घड़ी में अपनी और दूसरों की जान बचा सकते हैं।
सूचना: यह लेख 5 सितंबर 2026 को IMD द्वारा जारी किए गए पूर्वानुमानों पर आधारित है। मौसम में बदलाव को देखते हुए नवीनतम अपडेट के लिए मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय समाचारों पर नज़र रखें।
IMD का यह अलर्ट बेहद गंभीर है और इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। 6 सितंबर को मौसम की मार किसी को भी आश्चर्यचकित कर सकती है। इसलिए, सतर्क रहें, अपने परिवार और दोस्तों को इस आपातकालीन स्थिति की जानकारी दें और जरूरत पड़ने पर स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करें। बारिश का ये कहर कब थमेगा, यह तो मौसम विभाग ही बता सकता है, लेकिन हम अपनी सावधानी से इस मुश्किल घड़ी में अपनी और दूसरों की जान बचा सकते हैं।
सूचना: यह लेख 5 सितंबर 2026 को IMD द्वारा जारी किए गए पूर्वानुमानों पर आधारित है। मौसम में बदलाव को देखते हुए नवीनतम अपडेट के लिए मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय समाचारों पर नज़र रखें।